भिलाई (https://cgaajtak.com/)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा के ग्राम सेलूद में छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल द्वारा कॉलोनी निर्माण में कानूनी और तकनीकी खामियां सामने आ रही है। लैंड यूज चेंज (भू परिवर्तन) और अनुमति मिलने के 2 साल के भीतर निर्माण शुरू करना था किंतु अनुमति मिलने के 6 साल बाद काम शुरू किया गया जो अनुबंध की शर्तों का खुला उल्लंघन है। यह उल्लंघन गृह निर्माण मंडल ने जानकर बूझकर किया है।
इस मामले में आरटीआई में मिले दस्तावेज के अनुसार लैंड यूज चेंज, अनुमति, निर्माण शुरू करने की शर्ते शामिल हैं। दस्तावेज की मानें तो अनुमित और निर्माण की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। राजस्व विभाग के सरकारी दस्तावेज के अनुसार भी निर्माण अवैध हो रहा है।
दरअसल मामला दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा के ग्राम सेलूद का है। यहां पर हाउसिंग बोर्ड द्वारा चारागाह की लगभग 10 एकड़ जमीन पर कॉलोनी बनाया जा रहा है। निर्माण और योजना लागू करने के पहले हाउसिंग बोर्ड ने न तो पंचायत और न ही चारागाह समिति से अनुमति लेना उचित समझा। योजना लागू कर सीधा निर्माण शुरू कर दिया है।
जमीन हस्तांतरण का सत्यापित और प्रमाणित दस्तावेज
सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत कलेक्टर न्यायालय दुर्ग से प्राप्त दस्तावेज के अनुसार राजस्व प्रकरण वर्ष 2020-21 में पारित आदेश दिनांक 13 दिसंबर 2021 के अनुसार ग्राम सेलूद पटवारी हल्का नंबर -27, तहसील पाटन, जिला दुर्ग में स्थित शामिलात चारागाह मद की भूमि खसरा नंबर 236/1 कुल रकबा 5.88 हेक्टेयर में से रकबा 4 हेक्टेयर (10 एकड़ 4,35 600 वर्गफिट) भूमि को शासकीय भूमि मान्य करते हुए 3 अप्रैल 2021 को एक रुपए प्रति वर्गफिट की दर से कुल मूल्य 4 लाख 35 हजार 600 निर्धारित कर राजीव आवास योजना के क्रियान्वयन हेतु कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल संभाग दुर्ग को शर्तों के अधीन आवंटित किया गया है।
इसे भी पढ़ेंः मंदिर की आड़ में कबाड़ी का धंधा या कबाड़ी के ठिकाने पर मंदिर? बीएसपी, रेलवे, जीआरपी, निगम, पुलिस प्रशासन सब मौन
शासन द्वारा 14 दिसंबर 2021 को एक रुपए प्रति वर्गफिट की दर से हाउसिंग बोर्ड को जमीन हस्तांतरित की थी। इसी के साथ अनुबंध में शर्त थी कि निर्माण काम दो वर्ष के भीतर शुरू करना अनिवार्य होगा अन्यथा यह आदेश स्वमेव निरस्त माना जाएगा। मतलब निर्माण की समय सीमा समाप्त हो चुकी है।
शर्ते एवं नियम इस प्रकार है
००- मुख्य मार्ग की चौड़ाई न्यूनतम 45.00 मीटर प्रस्तावित रखते हुए मध्य मार्ग से 22.55 मीटर, स्थानीय निकाय द्वारा निर्धारित मार्ग चौड़ाई जो भी अधिक हो, छोड़कर भू-खंड रेखा मानी जाए।
००- निर्माण शुरू करने के पूर्व संबंधित विभागों से अनुज्ञा/अभिमत/अनापत्ति लिया जाना आवश्यक होगा।
००- निर्माण कार्य 2 वर्ष के भीतर प्रारंभ करना अनिवार्य होगा, अन्यथा यह आदेश स्वमेव निरस्त माना जाएगा।
दस्तावेज की मानें तो अनुबंध की शर्त की समय सीमा खत्म हो गई है। मतलब निर्माण अवैध हो रहा है।
इसे भी पढ़ेंः सीएम के काफिले में बिना प्रशिक्षित चला रहे वाहनः छह महीने में दो बार गाड़ी आपस में टकराई


