पवार ने की तारीफ, नेहरू की तरह मोदी गए LAC

मुंबई
गलवान, पैंगोंग झील और लद्दाख के कुछ अन्य इलाकों में भारत-चीन के बीच तनाव की स्थिति है। अचानक एक दिन प्रधानमंत्री लेह-लद्दाख के दौरे पर गए और सेना का हौसला बढ़ाया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) अध्यक्ष ने की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि ऐसी स्थिति पैदा होने के पर देश के नेतृत्व को आगे आकर सेना के जवानों का हौसला बढ़ाना चाहिए।

शरद पवार ने कहा, ‘1962 में जब हम युद्ध हार गए, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और तत्कालीन रक्षामंत्री यशवंत राव चव्हाण एलएसी पर गए और जवानों का हौसला बढ़ाया। ठीक वैसे ही वर्तमान प्रधानमंत्री ने किया है। जब कभी भी ऐसी स्थिति पैदा हो, देश के नेतृत्व को आगे आकर सैनिकों का हौसला बढ़ाना चाहिए।’

गलवान घाटी में बढ़ा भारत-चीन के बीच तनाव
दरअसल, गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। जानकारी के मुताबिक, चीन के भी कम से कम 40 जवान मारे गए थे। इसके बाद से ही दोनों देशों ने लद्दाख में अपनी सैन्य क्षमता बढ़ानी शुरू कर दी थी। भारत और चीन दोनों ने ही फाइटर जेट से लेकर बड़े-बड़े हथियार लद्दाख के पास जुटाने शुरू कर दिए थे।

भारत ने लद्दाख में एलएएसी पर अपने जवानों की संख्या बढ़ाई। इसी बीच अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गलवान घाटी में घायल हुए जवानों से मिलने पहुंच गए। उन्होेंने निम्मू में जाकर सेना के जवानों से मुलाकात की और तैयारियों का भी जायजा लिया। देश के अगुवा के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इस कदम से चीन को साफ संदेश दिया कि भारत कहीं से भी झुकने वाला नहीं है और गलत हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *