
हत्याकांड के बाद वायरल चिट्ठियों को लेकर तत्कालीन एसएसपी अनंत देव पर सवाल उठे थे। इस पत्र मामले की जांच आईजी लक्ष्मी सिंह को सौंपी गई है। उधर, आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर (IPS Officer Amitabh Thakur) ने थाना चौबेपुर में हुई घटना के संबंध में डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी (DGP Hitesh Chandra Awasthi) को पत्र भेजकर तत्कालीन एसएसपी कानपुर अनंत देव (Anant Dev) पर कार्रवाई की मांग की थी।
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इस पत्र को लेकर IPS ने उठाए सवाल
अमिताभ ने शहीद सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र के अनंत देव को लिखे गए एक पत्र के आधार पर सवाल उठाए हैं। अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि इस पत्र में देवेंद्र ने अनंत देव को साफ तौर पर बताया था कि निलंबित एसओ विनय तिवारी का विकास के पास आना-जाना और वार्ता करना बना हुआ है।
शहीद सीओ के खत में सिग्नेचर असली नहीं: अनंतदेव
इससे पहले कानपुर मुठभेड़ (Kanpur Encounter) में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र मिश्रा का कथित एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बारे में कानपुर के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंतदेव का कहना है कि इस तथाकथित पत्र में जो हस्ताक्षर हैं, वह सीओ मिश्र के हस्ताक्षर से नहीं मिलते। इस वायरल पत्र के मामले की जांच पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) लखनऊ लक्ष्मी सिंह को सौंपी गई है और उन्होंने जांच शुरू कर दी है।
फरीदाबाद के एक होटेल में देखा गया विकास दुबे!
वहीं, हरियाणा के फरीदाबाद में पुलिस ने एक होटेल में विकास दुबे के होने के शक में छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। इस बात का अंदेशा जताया गया है कि विकास दुबे को फरीदाबाद के एक होटेल में देखा गया। हालांकि, जबतक वहां पुलिस पहुंची तबतक वह फरार हो गया। होटल के मालिक का कहना है कि यहां फायरिंग नहीं हुई है।
