भिलाई(cgaajtak.com/)। वित्तमंत्री ने आज छत्तीसगढ़ के विधानसभा में 1.72 लाख करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया, लगभग 2 घंटे से अधिक भाषण में 75 मिनट बाद कृषि का उल्लेख हुआ इससे पता चलता है कि खेती किसानी सरकार की प्राथमिकता में नहीं है।
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के संयोजक राजकुमार गुप्त ने कहा-कृषक उन्नति योजना में पहले सिर्फ सरकार को धान बेचने वाले किसानों को शामिल किया गया था। इस बार दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो कुटकी, रागी उत्पादक किसानों को भी योजना में शामिल किया गया है और इसके लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नया कुछ भी नहीं है। लगता है कि सरकार उद्यानिकी फसल एवं अन्य उपज लेने वाले किसानों की उन्नति नहीं करना चाहती है।
किसान स्वावलंबी बने इसके लिए बजट में कुछ नहीं
सुनिश्चित सिंचाई और गुणवत्तापूर्ण बिजली की उपलब्धता के लिए कुछ भी नहीं है। बजट से न तो उत्पादन में वृद्धि होगी और न ही उत्पादकता में सुधार होगा। किसानों को जैविक खेती के प्रोत्साहित करने के लिए कुछ भी नहीं है। पशुपालन, दुग्ध उत्पादन करने वाले और मत्स्य पालन करने वाले किसानों के लिए सिर्फ जुमले हैं। चांवल के अतिरिक्त अन्य खाद्यान्न में राज्य आत्मनिर्भर और किसान स्वावलंबी बने इसके लिए बजट में कोई दिशा नहीं है।
