पृथ्वी और स्पेस में दिखा धूमकेतु Neowise

जुलाई का पहला हफ्ता स्काईवॉचर्स के लिए बेहतरीन रहा है। इस हफ्ते कई बार धरती से और स्पेस से भी नैचरल लाइट शो देखने को मिला। दरअसल, Comet NEOWISE जिसे C/2020 F3 भी कहा जा रहा है, इसे दुनिया के कई हिस्सों में देखा गया। इस कॉमेट को पहली बार मार्च में डिस्कवर किया गया था और जुलाई में यह धरती के काफी नजदीक रहने वाला है। (Photo Copyright: Maroun Habib)

जब इसे मार्च में देखा गया था यह काफी दूर था और इसी बर्फीली पूंछ साफ-साफ नहीं दिखाई दे रही थी। उस वक्त ऐस्ट्रोनॉमर्स को नहीं पता था कि यहा साफ-साफ दिखाई भी देगा या नहीं। सूरज की ओर बढ़ने से इसके पिघलकर गायब हो जाने का डर था लेकिन वक्त के साथ इसकी चमक बढ़ चुकी है। कुछ दिन पहले ही सूरज उगने से कुछ देर पहले इसे लेबनान में देखा गया। यहां से आगे इसकी चमक और हल्की हो सकती है लेकिन फिर भी अभी यह आसमान में दिखाई देगा। (Photo: Chris Schur, Chris Schur Astrophotography)

यह सूरज के सबसे करीब 3 जुलाई को था जब ये सूरज से 4 करोड़ किमी दूर था। 5 जुलाई को इसे ऐरिजोना के पेसन में देखा गया और ऐस्ट्रोफटॉग्रफर क्रिस ने इसकी तस्वीर ली। इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन में NASA के ऐस्ट्रोनॉट्स ने स्पेस से भी Neowise की तस्वीर ली जिसे उन्होंने आतिशबाजी सरीखा बताया। अब 11 जुलाई को तड़के सुबह के वक्त यह आसमान में सबसे ऊंचाई पर होगा और उसके बाद यह Horizon की ओर बढ़ता रहेगा। 12-15 जुलाई के बीच यह सूरज के बाद उत्तरपश्चिम की ओर Horizon में दिखाई देगा।

अगर Comet की चमक इतनी ही रहती है तो यह जुलाई के अंत की ओर भी शाम के वक्त देखा जा सकेगा। उस वक्त यह आसमान में ऊंचाई पर होगा। यह धरती के सबसे नजदीक 22-23 जुलाई को होगा। आपको बता दें कि धूमकेतु भी (Asteroids) की तरह सूरज का टक्कर काटते हैं लेकिन वे चट्टानी नहीं होते बल्कि धूल और बर्फ से बने होते हैं। जब ये धूमकेतु सूरज की तरफ बढ़ते हैं तो इनकी बर्फ और धूल वेपर यानी भाप में बदलते हैं जो हमें पूंछ की तरह दिखता है। खास बात ये है कि धरती से दिखाई देने वाला कॉमट दरअसल हमसे बेहद दूर होता है।

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