कोरोना का डर, पत्नी के लिए नहीं खोले दरवाजे

बेंगलुरु
कर्नाटक के बेंगलुरु में एक अजीब मामला सामने आया है। यहां चंडीगढ़ से लौटी पत्नी को एक पति ने घर में नहीं घुसने दिया। पत्नी घर का दरवाजा पीटती रही लेकिन पति ने कोरोना वायरस के डर से घर का दरवाजा तक नहीं खोला। पत्नी ने उससे कहा कि वह घर में खुद को 14 दिनों तक क्वारंटीन में रखेगी लेकिन पति ने उसकी एक नहीं सुनी।

महिला ने बताया कि वह लॉकडाउन के पहले अपने मायके चंडीगढ़ गई थी। अचानक हुए लॉकडाउन के बाद वह वहीं फंस गई। उसका दस साल का बेटा भी बेंगलुरु में ही था। तीन महीने बाद जैसे ही उसे मौका मिला वह अपने घर आ गई।

घर आने की खुशी हुई काफूर
महिला ने बताया कि वह अपने घर आने पर बहुत खुश थी। उसे लग रहा था कि तीन महीने बाद वह घर लौट रही है तो उसके पति उसका स्वागत करेंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। स्वागत तो दूर की बात उसके लिए घर के बंद दरवाजे तक नहीं खोले गए। पत्नी ने बताया कि उसने अपने पति से कहा कि वह खुद को घर में क्वारंटीन में रखेगी। जब उसे कोरोना वायरस निगेटिव का सर्टिफिकेट मिल जाएगा वह तब भी उन लोगों या बेटे के संपर्क में आएगी, लेकिन उसके पति ने एक नहीं सुनी।

पुलिस आई तो ताला बंद कर भागा पति
घंटों घर के बाहर खड़े रहकर जब महिला परेशान हो गई तो उसने वरथूर पुलिस स्टेशन में संपर्क किया। उसने पुलिस से मदद मांगी। पुलिस उसके साथ घर पहुंची तो घर के बाहर ताला लगा पाया। उसके पति का फोन नहीं उठा तो पुलिस ने महिला को कुछ समय किसी रिश्तेदार के घर जाकर रहने को कहा।

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