भिलाई (cgaajtak.com/)। पावर रेलवे स्टेशन ब्रिज के समीप बीएसपी टाउनशिप क्षेत्र में मंदिर की आड़ में कबाड़ी मामले में संयंत्र प्रबंधन, पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ और निगम प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे ‘हम भ्रष्टन के भ्रष्ट हमारे’ की कहावत चरितार्त हो रही है। क्या छत्तीसगढ़ में ऐसे ही सुशासन आएगा। सरकार किसी की भी रहे, अधिकारी तो वहीं रहते हैं। अधिकारियों को मालूम है कि कहां माल मिलता है। किस पर कार्रवाई करना और किसे छोड़ना है वे बखूबी जानते हैं। यहीं कारण है कि उक्त कबाड़ी संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसमें भिलाई इस्पात संयंत्र के तोड़ूदस्ता, बिजली कंपनी और नगर निगम की मिलीभगत साबित हो रही है। बताया जाता है कि खबर प्रकाशन के बाद रेलवे डीआईजी ने तीन दिनों तक पावर हाउस के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने स्टेशन का निरीक्षण किया किंतु कबाड़ी दुकान नहीं गए या लोकल स्टाप ने जाने नहीं दिया ऐसी भी चर्चा है।
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अवैध कब्जे के तहत संचालित कबाड़ी दुकान में बिजली कनेक्शन मिल गई और पानी कहां से मिल रहा है यह सबसे बड़ा सवाल है। गरीबों की झोपड़ी तोडने वाला संयंत्र काइंफोर्समेंट डिपार्टमेंट इस मामले में खामोश क्या है। इसी तरह तत्काल कनेक्शन काटने वाली बिजली कंपनी ने अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की जनता यह सवाल पूछ रही है। आरपीएफ और जीआरपी की भूमिका इस मामले में संदिग्ध लग रही है। सिर्फ जेब कतरों और लोकल ट्रेन में सामान बेचने सहित स्टेशन के दरवाजे पर दुकान वालों के खिलाफ कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारियों से इतिश्री कर लेती है।
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ऐसी हुई पुलिस की कार्रवाई
शक के आधार पर गुंडा बदामशों को घर से उठाने वाली पुलिस ने पावर हाउस मदर्स मार्केट से ए.सी.(एयर कंडीशनर) चोरी मामले में कानून का पूरा ध्यान रखा। हुआ यूं कि पावर हाउस मदर्स मार्केट में लगी ए.सी. की चोरी हो गई। पुलिस ने चोर को पकड़ लिया। चोर ने कहा कि मैंने चोरी की ए.सी. पावर हाउस ब्रिज के समीप मंदिर परिसर में संचालित काबाड़ी को बेचा है। पुलिस वहां पहुंची तो चोरी की ए.सी. नहीं मिली। फिर क्या कानून सबूत मांगता है की तर्ज पर पुलिस ने चोरी का माल खरीदने वाले संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि मामला अभी भी लंबित है। इस मामले की रिपोर्ट नगर निगम खुर्सीपार जोन के राजस्व विभाग द्वारा छावनी थाने में लिखाई गई है।
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दो थाना क्षेत्र के चक्कर में पुलिस का खेल
बता दें कि कबाड़ी दुकान बीएसपी टाउनशिप के भट्ठी थाना क्षेत्र के अंर्तगत आता है। पटरी इस पार छावनी थाना क्षेत्र है। अधिकतर चोरी की घटना छावनी थाना क्षेत्र के अंर्तगत होती है और माल खपाया जाता है भट्ठी थाना क्षेत्र के कबाड़ी दुकान में। यहीं पर पुलिस कबाड़ी को बचाने में खेला कर देती है। इसके उदाहरण सामने हैं।
