
6 राफेल जेट फ्रांस के बोर्डोक्स से भारत उड़कर ही आएंगे। भारतीय वायुसेना ने इसके लिए पूरी योजना तैयार कर ली है क्योंकि रास्ते में ये फाइटर जेट कई देशों की सीमाओं से होकर भारत के जामनगर पहुंचेंगे। राफेल विमान फ्रांस से भारत तक का सफर पूरा करने के दौरान लगभग 1000 किमी प्रतिघंटे की गति से उड़ान भरेंगे। हालांकि, राफेल की अधितकम स्पीड 2222 किमी प्रति घंटा है।
जानकारी के अनुसार, बोर्डोक्स से उड़ान भरने के बाद राफेल फाइटर जेट्स दो बाद रिफ्यूलिंग के लिए जमीन पर उतरेंगे। इसके अलावा ये विमान जरूरत पड़ने पर साथ में उड़ रहे टैंकर एयरक्राफ्ट से हवा में ही रिफ्यूलिंग करेंगे। बताया जा रहा है कि पहली बार ये प्लेन ग्रीस या इटली में रिफ्यूलिंग और आराम के लिए उतरेंगे। जबकि दूसरी बार ओमान या तुर्की में इनके उतरने की संभावना है।
भारतीय राफेल विमान ओमान से उड़ान भरने के बाद पहली बार गुजरात के जामनगर एयरबेस पर उतरेगा। जामनगर में विमान की कस्टम संबंधी सभी औपचारिकता पूरी की जाएगी। इसके बाद ये विमान दोबारा उड़ान भरकर अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचेंगे। राफेल के पहले बेड़े को 17 गोल्डन एरो स्क्वॉड्रन के पायलट उड़ाएंगे। इनकी ट्रेनिंग भी फ्रांस में पूरी हो चुकी है।
भारत यात्रा के दौरान राफेल विमानों के बेड़े के साथ आधी दूरी तक फ्रांस का रिफ्यूलर एयरक्राफ्ट आएगा। उसके बाद खाड़ी देशों से भारतीय रिफ्यूलर एयरक्राफ्ट आईएल-78 इन विमानों को एस्कोर्ट करेगा। इन विमानों में अतिरिक्त पायलट, मेंटीनेंस स्टाफ और राफेल के इंजन भी होंगे। ताकि रास्ते में किसी प्रकार की जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता की जा सके।
पहले यह जानकारी दी गई थी कि पहले चरण में 4 राफेल विमान भारत पहुंचेंगे, जिसमें से 3 डबल सीटर यानि ट्रेनर होंगे। लेकिन अब जो जानकारी मिल रही है उनके अनुसार, भारत आने वाल 6 राफेल विमान पूर्ण रूप से कॉम्बेट रेडी पोजिशन में होंगे। जिन्हें कुछ दिनों के अंदर ही किसी भी ऑपरेशन में लगाया जा सकेगा। इन विमानों के पहले खेप को हरियाणा के अंबाला में तैनात किया जाएगा।
भारत को मिलने वाला राफेल विमान हवा से हवा में मार करने वाली बियांड विजुअल रेंज मिसाइल से लैस होगा। यह मिसाइल दुश्मन के प्लेन को बिना देखे सीधे फायर किया जा सकता है। इसमें एक्टिव रडार सीकर लगा होता है जिससे मिसाइल को किसी भी मौसम में फायर किया जा सकता है। वहीं, स्कैल्प मिसाइल या स्ट्रॉम शैडो किसी भी बंकर को आसानी से तबाह कर सकती है। इसकी रेंज लगभग 560 किमी होती है।